जालंधर (दीपक पंडित) जालंधर के गुरु रविदास चौक पर आज दोपहर प्रापर्टी डीलर से परेशान व्यक्ति ने खुद पर डीजल डाल लिया। इससे पहले की वो आग लगाता चौक पर खड़े पुलिस ने कर्मी ने उसे देख लिया और रोक लिया। व्यक्ति की पहचान सोनू निवासी कोट सदीक के रूप में हुई है। एसआई नत्थू सभ्रवाल ने बताया कि गुरु रविदास चौक पर एक व्यक्ति हाथों में कैन पकड़कर शोर मचा रहा था। उसके सामने ही उसने अपने ऊपर डीजल डाल लिया। जब व्यक्ति को रोका तो उसने बताया कि प्रॉपर्टी के लेन-देन को लेकर विवाद है। रिपन ड्रीम होम नामक प्रॉपर्टी डीलर पर आरोप लगाते हुए सोनू ने कहा कि उसने इससे प्लाट लिया था। इसका पैसा भी भर दिया, लेकिन रजिस्ट्री उसके नाम नहीं करवाई जा रही थी। इससे परेशान होकर वह खुद को आग लगाकर मर जाना चाहता है। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति को थाना भार्गव कैंप में भेज दिया गया। थाना भार्गव कैंप की पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर प्रापर्टी डीलर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। सोनू ने बताया कि करीब 3 साल पहले मॉडल हाउस (जालंधर) के रहने वाले ‘रिपन प्रॉपर्टी डीलर’ से कोट सदीक की जेई कॉलोनी में करीब ढाई मरले (लगभग 11.5 से 12.5 मरले के बीच, सटीक याद नहीं) का एक प्लॉट खरीदा था। यह सौदा किश्तों पर तय हुआ था, जिसकी कुल 36 किश्तें थीं। सोनू हर महीने लगभग 9,000 रुपए की किश्त भरते थे। अब तक वह करीब 32-33 किश्तें पूरी कर चुके हैं और सिर्फ 3 या 4 किश्तें ही बची थीं। सोनू इस प्लॉट के लिए अपनी मेहनत की कमाई से 4 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान डीलर को कर चुके हैं। सोनू का साफ कहना है कि इस प्लॉट का शुरुआती बयाना (एग्रीमेंट) सीधे उनके अपने नाम पर हुआ था। इसके सबूत के तौर पर उन्होंने डीलर को अपने एचडीएफसी (HDFC) बैंक के चेक और अपनी लाल रंग की तस्वीरें दी थीं। सोनू के अनुसार, उनके भुगतान और पहचान से जुड़ा यह सारा सामान और पूरा रिकॉर्ड आज भी रिपन प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर के कंप्यूटर पर चढ़ा हुआ है, जिसे बदला नहीं जा सकता। जब किश्तें खत्म होने वाली थीं, तो सोनू को अचानक घर पर बयाने के असल कागज नहीं मिले। जब उन्होंने कागज ढूंढने की कोशिश की और बात नहीं बनी, तो उन्होंने बूटा मंडी के कुछ बेहद जिम्मेदार और सीनियर लोगों से प्रॉपर्टी डीलर रिपन को फोन करवाया। फोन पर रिपन ने सीधे बात करने के बजाय कहा, उसे रहने दो, घूमने-फिरने दो, आप इस चक्कर में क्यों पड़ते हो। इसके बाद सोनू को कल रात ही पता चला कि प्रॉपर्टी डीलर रिपन ने रातों-रात खेल करते हुए उस प्लॉट की रजिस्ट्री चुपके से सोनू की पत्नी (जनानी) के नाम पर ट्रांसफर कर दी है। सोनू ने बताया कि इस धोखाधड़ी का पता चलते ही जब वह डीलर के दफ्तर पहुंचे, तो वहां मौजूद दीपक नाम के शख्स ने कहा कि दोबारा मत आना। दफ्तर के अंदर उसे डराया-धमकाया गया और धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया। वहां खड़े डीलर के एक लड़के ने कंधे पर हाथ रखकर रौब से कहा, अपनी जनानी के अलावा यहां दोबारा मत आना। इसका विरोध करते हुए जब पूछा कि पैसा मैंने दिया, बयाना मेरा है और मैं मालिक हूं, तो मेरी चीज मुझे दो, इसमें मेरी पत्नी का क्या रोल है? इस पर डीलर ने कहा कि कुछ किश्तें पत्नी और बेटा देने आए थे, इसलिए रजिस्ट्री पत्नी के नाम की गई। सोनू पिछले 15 सालों से बूटा मंडी इलाके में लकड़ी आदि का सामान लाने-ले जाने के लिए अपनी गाड़ी चलाते थे। गाड़ी खराब होने और बिकने के बाद आजकल वह छोटा-मोटा काम करते हैं। इस पूरे मामले पर सोनू के बड़े बेटे ने पिता का साथ देते हुए कहा है कि डीलर ने जो किया है वह सरासर गलत है। सोनू ने बताया कि उसने बुधवार रात 112 नंबर पर पुलिस को शिकायत दे दी थी। पुलिस ने मौके पर आकर उनकी शिकायत लिख ली थी। सोनू की मांग है कि पुलिस प्रॉपर्टी डीलर को पकड़े, उससे पूछताछ करे और उसे उसका हक दिलाए।

