चंडीगड़ (द पंजाब प्लस) पंजाब में सड़क पर रैश ड्राइविंग, ड्रिंक एंड ड्राइव और अंडरएज ड्राइविंग पर सरकार ने सख्ती करनी शुरू कर दी। पंजाब सरकार ने ट्रैफिक नियम तोड़ने के इन तीन मामलों को नॉन कंपाउंडेबल कैटेगरी में शामिल कर दिया है।
इन कैटेगरी में अगर अब आपका चालान होता है तो उसका भुगतान न तो आप मौके पर कर सकेंगे और न ही RTO दफ्तर में जाकर चालान का भुगतान होगा। इन मामलों में फंसे लोगों को कोर्ट के चक्कर काटने होंगे और मजिस्ट्रेट के सामने ही चालान का फैसला होगा।
खास बात यह है कि कोर्ट में चालान की सुनवाई के दौरान अगर मामला ज्यादा गंभीर हुआ तो कोर्ट ड्राइवर को एक्ट के अनुसार कानूनी सजा भी सुना सकता है।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की हरी झंडी के बाद ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के सचिव वरुण रूजम (IAS) ने इस आदेश को पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सचिव ने अपने आदेशों में कहा है कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद के ऐसे चालानों का फैसला पुलिस और आरटीओ अपने स्तर पर न करवाएं। सरकार ने यह नोटिफिकेशन 17 जून को जारी किया और अब आरटीओ व पुलिस को भेजा है।
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सरकार को क्यों लेना पड़ा यह बेहद सख्त फैसला?
- कानून का डर खत्म होना: ट्रैफिक एक्सपर्ट एवं रिटायर्ड एसीपी ट्रैफिक गुरदेव सिंह कहना है कि सड़क पर ड्राइव करते समय लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते हैं। ट्रैफिक पुलिस उनका चालान करती है तो वो मौके पर ही उसका भगुतान करके आगे निकल जाते हैं। इससे उनको कानून का कोई डर ही नहीं रहता है।
- जानलेवा स्टंट और रॉन्ग साइड ड्राइविंग: हाल के दिनों में पंजाब के प्रमुख शहरों जैसे लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और मोहाली में रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने और सोशल मीडिया रील्स के लिए खतरनाक स्टंट करने का चलन बहुत बढ़ गया था। पुलिस ने ऐसे मामलों में कई लोगों के चालान भी किए। लेकिन ऐसी हरकतें बंद नहीं हो रही। अब अगर ऐसे मामले कोर्ट में जाएंगे तो वहां पर उनसे जवाब तलबी होगी और सजा भी मिल सकती है।
- अंडरएज ड्राइविंग के कारण हो रहे एक्सीडेंट: शहराें में अक्सर लोग अपने बच्चों को व्हीकल दे देते हैं और उसके बाद वो सड़कों पर रैश ड्राइविंग करते हैं। इसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही। इन घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने इनके चालान भुगतान की प्रक्रिया को मुश्किल किया है। कोर्ट से ऐसे मामलों में समन आने पर माता पिता को पेश होना पड़ेगा और काेर्ट उन्हें फटकार लगाएगी। उसके बाद वो अपने बच्चों को व्हीकल नहीं देंगे।
- ड्रिंक एंड ड्राइव का बढ़ता ग्राफ: वीकेंड्स पर या देर रात होने वाले अधिकांश जानलेवा हादसों में ड्राइवर के शराब के नशे में होने की पुष्टि होती है। मौके पर जुर्माना देकर छूट जाने की सहूलियत के कारण लोग बार-बार यह गलती दोहरा रहे थे।
- कोर्ट में पेश होने के डर से करेंगे नियमों का पालन: जब लोगों को चालान का भुगतान करने के लिए कोर्ट में जाना पड़ेगा तो उन्हें वहां वकीलों की फीस के साथ साथ कानूनी सजा होने का भी डर रहेगा। क्योंकि इन मामलों में कानूनी सजा का भी प्रावधान है।

