जालंधर (दीपक पंडित) जालंधर में ईसाई समाज ने मशहूर पंजाबी सिंगर और गीतकार जानी के गाने ‘अप्सरा 2’ को लेकर ईसाई समुदाय ने भारी आपत्ति जताई है। समुदाय का आरोप है कि गाने के बोल से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और यह सीधे तौर पर चर्च का अपमान है।
इस मामले को लेकर ईसाई समुदाय के नेताओं ने जालंधर के पुलिस कमिश्नर को एक लिखित शिकायत सौंपकर जानी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
‘अप्सरा 2’ गाने के बोल पर छिड़ा विवाद
ईसाई भाईचारे के नेताओं के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह जानी के गाने ‘अप्सरा 2’ की कुछ खास लाइनें हैं। गाने में जानी ने गाया हैकी लभदे लभदे चला गया मैं इक्क चर्च दे अंदर, चर्च दे अंदर जा के जगाइयां मोमबत्तियां, की दस्सां मेरे किन्हींयां कम्म आइयां मोमबत्तियां, मोमबत्तियां दे धूएं चों दुआ दिखी मैनूं, चर्च दा दरवाजा खुल्लिया अप्सरा दिखी मैनूं।
धार्मिक नेताओं का कहना है कि पवित्र चर्च और वहां की प्रार्थना की तुलना ‘अप्सरा’ से करना बेहद आपत्तिजनक है। जब समुदाय के लोगों ने इस गाने को सुना, तो उन्होंने इसे सीधे तौर पर अपने पवित्र धार्मिक स्थल की बेअदबी माना।
इस मामले को लेकर ईसाई समुदाय के लोग भारी संख्या में जालंधर के पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंचे। वहां उन्होंने जानी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और सिंगर पर तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
ईसाई नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर जानी के खिलाफ जल्द ही कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में वे प्रशासन के खिलाफ एक बड़ा धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का चलन बढ़ता जा रहा है। जानी पर होने वाली यह कार्रवाई अन्य सिंगर्स और राइटर्स के लिए एक कड़ा सबक होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी कलाकार किसी भी जाति, धर्म या समुदाय की आस्था का इस तरह मजाक न उड़ा सके। फिलहाल इस मामले में पुलिस की तरफ से जांच शुरू कर दी गई है।

