कपूरथला (द पंजाब प्लस) कपूरथला में शुक्रवार तड़के एक युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई। कार में ड्राइवर सीट पर बैठा हुआ था, इसी दौरान हमलावर आए और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिससे उसने भागने तक का भी समय नहीं मिला और वह सीट पर ही लुढ़क गया।
गोलियां कार के फ्रंट शीशे पर भी लगी हैं। मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी गांव जैरामपुर के रूप में हुई है। वह गैंगस्टर सुक्खा काहलवां का राइट हैंड था और काहलवां मर्डर केस में अंतिम गवाह था।
इससे पहले सभी गवाह मुकर चुके थे, लेकिन गोपी नहीं मुकरा था। उधर, डोनी बल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर मर्डर की जिम्मेदारी ली है। लिखा- यह बंदा हमारे भाइयों के घरों में 40-40 बंदे लेकर जाता था। बाकी हम बता देना चाहते हैं कि जो भी हमारे बारे में बकवास करते फिरते हैं, वह भी अपनी तैयारी रखें।
जानकारी के अनुसार, कपूरथला के ढिलवां क्षेत्र में जीटी रोड पर एवन पैलेस पास गुरप्रीत सिंह अपनी कार में ड्राइवर सीट पर बैठा हुआ था। इसी दौरान हमलावरों ने सामने से कार के शीशे पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे गुरप्रीत को लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना ढिलवां पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुक्रवार तड़के करीब 3:45 बजे सिविल अस्पताल कपूरथला के मोर्चरी में रखवा दिया।
2015 में हुई थी सुक्खा की हत्या
दोनों हाथों से एक साथ फयरिंग में माहिर गैंगस्टर काहलवां हत्या, अपहरण और हफ्ता वसूली के 20 से अधिक मामलों में संलिप्त था। तीन राज्यों में उसके खिलाफ केस दर्ज थे। वह शार्पशूटर के नाम से जाना जाता था। काहलवां की एक और गिरोह के सरगना विक्की गौंडर और उसके साथियों ने 22 जनवरी 2015 को गोली मारकर हत्या की थी। वारदात को उस समय अंजाम दिया गया था, जब कहलवां को जालंधर की अदालत में सुनवाई के बाद पटियाला की नाभा जेल ले जाया जा रहा था।

एसएसपी गौरव तूरा ने कहा कि देर रात सूचना मिली थी कि गाड़ी में बैठे किसी युवक को कुछ युवकों ने गोलियां मार दी हैं। मौके पर पहुंच पुलिस ने घायल अवस्था में घायल को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमें गठित कर जांच तेज कर दी गई है। मृतक के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें अवैध हथियार, डकैती और एक मामला एनडीपीएस एक्ट से संबंधित था।

