जालंधर (दीपक पंडित) जालंधर में ‘वीर दा ढाबा’ पर आज नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह ढाबा कथित तौर पर नशा तस्कर धर्मेंद्र सिंह से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।
कार्रवाई का विरोध करते हुए धर्मेंद्र की पत्नी रज्जी ने दावा किया कि इस संपत्ति की रजिस्ट्री तथा ढाबा चलाने की अनुमति उसके नाम पर है। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चार थानों की पुलिस और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
नगर निगम की टीम का कहना है कि इस अवैध निर्माण को लेकर ढाबा संचालक को पहले ही आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा के भीतर नोटिस का कोई जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने आज यह कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही ढहाने की कार्रवाई की गई है।
दूसरी ओर, इस प्रशासनिक कार्रवाई का ढाबा मालिक की पत्नी रज्जी ने कड़ा विरोध किया है। रज्जी का कहना है कि वह पिछले 10 वर्षों से अपने पति धर्मेंद्र से अलग रह रही है और अपने बच्चों का पालन-पोषण अकेले कर रही है। उसका दावा है कि इस संपत्ति की रजिस्ट्री उसके नाम पर है और ढाबा संचालित करने के लिए उसके पास सभी आवश्यक अनुमति भी मौजूद हैं।
रज्जी ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले भी प्रशासन ने इस ढाबे पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी। इसके लगभग 7-8 महीने बाद उसने यहां दोबारा दीवार बनवाई थी। उसका आरोप है कि मौजूदा नोटिस भी उसके पति धर्मेंद्र के नाम पर जारी किया गया है, जबकि वह यहां नहीं रहता। रज्जी ने कहा कि उसने इस मामले की जानकारी अपने वकील को दे दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह का हंगामा या कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर चार अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी भूमिका केवल नगर निगम की टीम को सुरक्षा उपलब्ध कराना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना था।

