वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि PSPCL ने करीब आठ-नौ महीने पहले आईटीआई पास युवाओं के लिए 2,600 अप्रेंटिसशिप पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसके लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें सफल अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया। इनमें से 2,437 युवाओं ने विभाग में प्रशिक्षण शुरू किया और वे पिछले छह महीने से अधिक समय से फील्ड में कार्य कर अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान हमेशा से पंजाब के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के पक्षधर रहे हैं। इसी नीति के तहत मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस संबंध में एडवोकेट जनरल से कानूनी राय ली गई। कानूनी प्रक्रिया और विभागीय नियमों की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि निर्धारित न्यूनतम योग्यता पूरी करने वाले प्रशिक्षुओं को विभाग में नियुक्त किया जा सकता है।
चीमा ने कहा कि इस समय बिजली विभाग पर कार्यभार काफी बढ़ा हुआ है। गर्मी चरम पर है और मानसून भी दस्तक देने वाला है। ऐसे में फील्ड स्तर पर अतिरिक्त तकनीकी स्टाफ की जरूरत को देखते हुए इन युवाओं की सेवाएं विभाग में ली जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इन युवाओं को PSPCL में असिस्टेंट लाइनमैन के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का सपना है कि युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री का मानना है कि जो भी युवा परीक्षा पास करता है और निर्धारित न्यूनतम योग्यताएं पूरी करता है, उसे रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत यह भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है।
वित्त मंत्री ने बताया कि अब इन युवाओं को एक बेसिक टेस्ट देना होगा, जिसमें पंजाबी भाषा का ज्ञान अनिवार्य होगा। उन्हें पंजाबी भाषा का यह टेस्ट पास करना होगा। यदि वे इसे सफलतापूर्वक पास कर लेते हैं, तो विभाग उन्हें तुरंत नियुक्त करेगा। विभाग यह टेस्ट आयोजित करेगा और परीक्षा पूरी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति दी जाएगी।
पंजाब और राज्य के बाहर से आने वाले सभी अभ्यर्थियों को यह टेस्ट देना अनिवार्य होगा। यह एक भाषा संबंधी परीक्षा है, जिसे पास किए बिना पंजाब सरकार में नियुक्ति नहीं हो सकेगी। लैंग्वेज टेस्ट इसलिए जरूरी किया गया है क्योंकि कर्मचारियों की तैनाती किसी भी गांव या शहर में हो सकती है।
पंजाबी भाषा का ज्ञान होने पर ही वे आम लोगों से प्रभावी ढंग से संवाद कर सकेंगे और अपना कार्य बेहतर तरीके से कर पाएंगे। इसी उद्देश्य से यह बेसिक पंजाबी भाषा टेस्ट लागू किया गया है। विभाग जल्द ही अपनी वेबसाइट पर इस परीक्षा का सिलेबस और तारीख जारी करेगा, ताकि अभ्यर्थी समय रहते तैयारी कर सकें और परीक्षा में शामिल हो सकें।

