जालंधर (दीपक पंडित) जालंधर में ईडी ने पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन के चीफ जनरल मैनेजर को समन जारी किया है। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से भेजे गए समन में कहा गया है कि सीजीएम रितेश प्रॉपर्टीज इंडस्ट्रीज लिमिटेड को जारी किए गए अलॉटमेंट लेटर के रिकॉर्ड के साथ पेश हों।
यह मामला पंजाब सरकार के पूर्व उद्योग मंत्री और लुधियाना से विधायक संजीव अरोड़ा से जुड़ी फर्म को 40 एकड़ जमीन अलॉट करने से संबंधित है। ईडी अधिकारियों ने जालंधर कार्यालय से प्रॉपर्टी मंजूरी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं।
गौरतलब है कि मंत्री को ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। उस समय वे चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित सरकारी कोठी पर मौजूद थे। करीब 10 घंटे की पूछताछ के बाद शाम लगभग 5 बजे ईडी की टीम उन्हें चंडीगढ़ और हरियाणा नंबर की गाड़ियों में दिल्ली ले गई थी।
ईडी ने मंत्री अरोड़ा पर चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास सहित दिल्ली और गुरुग्राम के पांच ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी ने खुलासा किया था कि अरोड़ा ने अपनी फर्मों के जरिए मोबाइल खरीद में करीब ₹157.12 करोड़ की फर्जी बिक्री दिखाई और शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी एक्सपोर्ट किए।
इसके अलावा, दुबई से भारत में अवैध धन की राउंड-ट्रिपिंग के लिए इन निर्यात लेनदेन का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), एक्सपोर्ट पर GST रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक हासिल करने के लिए दिल्ली की फर्जी या गैर-मौजूद फर्मों से नकली GST बिल भी तैयार किए गए। इस कथित फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और निजी लाभ कमाने का आरोप लगाया गया है।
पंजाब में ईडी ने मंत्री संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़ी फर्मों के मामले में छापेमारी की थी। इसी कड़ी में 11 दिन पहले जालंधर में नगर निगम के ठेकेदार और चार्टर्ड अकाउंटेंट अमित बजाज के ठिकानों पर भी जांच टीम पहुंची थी। आरोप है कि अरोड़ा के स्थानीय निकाय मंत्री रहने के दौरान अमित बजाज की फर्म के साथ वित्तीय लेन-देन हुआ था। बजाज की फर्म नगर निगम में ठेके लेती रही है।
अमित बजाज और उनके भाई इंद्रजीत बजाज की कंपनियों के पास पंजाब, गुजरात और अन्य राज्यों में नगर निगमों तथा सरकारी विभागों के सड़क और स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट्स के ठेके हैं।

