द पंजाब प्लस/ कनाडा में रह रहे पंजाबियों और अन्य प्रवासियों के लिए कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन एवं शरणार्थी प्रक्रिया से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) ने बिल C-12 के तहत छह नए प्रावधान लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य बढ़ते आवेदनों के बोझ को कम करना, प्रशासनिक देरी समाप्त करना और इमिग्रेशन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
कनाडा की इमिग्रेशन मंत्री Lena Metlege Diab ने कहा कि इन बदलावों से वास्तविक जरूरतमंद लोगों को समय पर सुरक्षा और राहत मिल सकेगी, जबकि प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने में भी मदद मिलेगी।
शरणार्थी दावे के लिए तय हुई समय-सीमा
नए नियमों के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति कनाडा पहुंचने के बाद निर्धारित समय के भीतर ही शरणार्थी (Asylum) दावा कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति अमेरिका से कनाडा की सीमा गैर-आधिकारिक मार्ग से पार करता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर शरण का दावा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि के बाद किए गए दावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने शरणार्थी आवेदन प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रणाली को प्राथमिकता दी है। अब केवल उन्हीं आवेदनों को स्वीकार किया जाएगा जो सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ पूरी तरह तैयार होंगे। इससे लंबित मामलों की संख्या कम होने की उम्मीद है।
विभागों के बीच साझा होगी जानकारी
नए प्रावधानों के तहत IRCC को शरणार्थियों और आवेदकों से संबंधित जानकारी संघीय और प्रांतीय सरकारी विभागों के साथ साझा करने का अधिकार मिल गया है। सरकार का कहना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और विभिन्न सरकारी सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
वीजा और परमिट पर सरकार की बढ़ी शक्तियां
कनाडा सरकार को अब जनहित में वीजा, स्टडी परमिट और वर्क परमिट जैसे इमिग्रेशन दस्तावेजों को रद्द, निलंबित या संशोधित करने का अधिकार भी प्राप्त होगा। हालांकि ऐसे किसी भी फैसले की जानकारी संसद को देना अनिवार्य होगी।
अयोग्य आवेदकों को भी मिलेगी सुरक्षा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए नियमों के तहत अयोग्य घोषित किए गए लोगों के लिए भी प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट (PRRA) की व्यवस्था जारी रहेगी। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी व्यक्ति को ऐसे देश में वापस न भेजा जाए जहां उसे उत्पीड़न, हिंसा या जान का खतरा हो।
लंबित मामलों का बोझ होगा कम
विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों से इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) पर लंबित मामलों का दबाव कम होगा और वास्तविक जरूरतमंद लोगों को सुनवाई के लिए लंबे इंतजार से राहत मिलेगी। कनाडा में बड़ी संख्या में बसे पंजाबी समुदाय पर भी इन बदलावों का सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

