जालंधर (दीपक पंडित) भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वीडियो विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और पंजाब पुलिस पर निशाना साधा। सांपला ने दावा किया कि हरियाणा पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की है, जिसमें पंजाब पुलिस के 2 अफसरों पर एक गैर-मान्यता प्राप्त लैब से झूठी फॉरेंसिक रिपोर्ट बनवाने के लिए दबाव डालने के आरोप हैं।
उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहब की जांच में यह साबित हो चुका है कि यह वीडियो असली है और AI जनरेटेड नहीं है। उन्होंने पंजाब के लोगों से अकाल तख्त के फरमान को लागू करने और ऐसे नेताओं का बहिष्कार करने की अपील की है।
विजय सांपला ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने इस मामले में जो एफआईआर दर्ज की है, वह किसी की शिकायत पर आधारित है। शिकायत में साफ तौर पर बताया गया है कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच को लेकर भारी दबाव बनाया गया था। सांपला ने खुलासा किया कि इस एफआईआर में पंजाब पुलिस के दो उच्च अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनमें एक लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा और दूसरे एसपी (क्राइम) हैं।
भाजपा नेता ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी वाले पदों पर होने के बावजूद, इन अधिकारियों ने आम आदमी पार्टी के वर्कर और कठपुतली के रूप में काम किया, जो कि बेहद गलत और अशोभनीय है। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब के मुख्यमंत्री चाहते, तो वे शुरुआत में ही इस पूरे मामले को लेकर माफी मांग सकते थे और विवाद को वहीं खत्म कर सकते थे।

