शिवाजी महाराज द्वारा किए गए प्रयासों को किया जाता है याद
दीपक पंडित/ हिंदू साम्राज्य दिवस हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन मराठा साम्राज्य के महान शासक छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक (1674 ई.) की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों और आक्रांताओं के अत्याचारों के बीच ‘हिंदवी स्वराज्य’ की स्थापना की थी। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली दिवस को मनाने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं। 6 जून 1674 को रायगढ़ के किले में शिवाजी महाराज का भव्य राज्याभिषेक हुआ, जिसे ‘हिंदू साम्राज्य’ की स्थापना के रूप में देखा जाता है। । उस काल में सदियों के विदेशी शासन और आक्रमणों के कारण भारतीय समाज का आत्मविश्वास डगमगा गया था। शिवाजी महाराज ने निराश जनमानस में स्वदेश, संस्कृति और धर्म के प्रति स्वाभिमान व आत्मविश्वास की नई अलख जगाई। इस दिन के माध्यम से शिवाजी महाराज द्वारा किए गए उन महान प्रयासों को याद किया जाता है, जिनमें उन्होंने फारसी भाषा का उपयोग समाप्त कर संस्कृत और मराठी भाषा को बढ़ावा दिया और प्राचीन हिंदू राजनीतिक परंपराओं को पुनर्जीवित किया। आरएसएस द्वारा आधिकारिक रूप से मनाए जाने वाले 6 प्रमुख उत्सवों में से एक ‘हिंदू साम्राज्य दिवस’ भी है। इसका उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति, सभ्यता और ऐतिहासिक गौरव के प्रति जागरूक करना है।

