चंडीगड़ (द पंजाब प्लस) बीते दिनों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर कट्टरपंथी सिख समूहों के हमलों के बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। अब ऐसे फेमस सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है, जो अश्लील, भड़काऊ या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाला कंटेंट डालते हैं और पहले भी विवादों में रह चुके हैं।
स्टेट पुलिस की साइबर सेल अब तक करीब 100 विवादित पोस्ट चिह्नित कर चुकी है, जिन्हें हटाने के लिए संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को रिपोर्ट भेजी गई है।
यह कार्रवाई 9 जून को इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर ‘भाभी’ की हत्या के बाद शुरू हुई। उन्हें एक निहंग और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह मेहरों ने जान से मार दिया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब सोशल मीडिया पर डाले जा रहे कंटेंट को आंतरिक सुरक्षा के नजरिए से भी देखा जा रहा है। जांच में ऐसे कई इन्फ्लुएंसर्स सामने आए हैं जिनकी पोस्टों को आपत्तिजनक या भड़काऊ माना जा रहा है।
जानकारी इकट्ठे करने के बाद ऐसे अकाउंट्स की पहचान की जा रही है, जो भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट डालते हैं। इसके बाद उनके कंटेंट की समीक्षा कर कार्रवाई की जाती है।
जिन पोस्टों को चिह्नित किया गया है, उनमें वीडियो व कमेंट भी शामिल हैं जो भड़काऊ मानी जा रही हैं। इनसे अन्य इन्फ्लुएंसर्स को धमकियों का खतरा बढ़ा है।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में साइबर सेल ने सोशल मीडिया से करीब 8,000 आपत्तिजनक पोस्ट हटवाई हैं। इनमें वे पोस्टें भी शामिल हैं, जिनमें युवक हथियारों के साथ दिखाई देते हैं। शिकायत मिलने के बाद ही किसी इन्फ्लुएंसर की गतिविधि पर निगरानी रखी जाती है, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से संपर्क कर सामग्री हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
अगर प्लेटफॉर्म्स कार्रवाई नहीं करते तो आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(b) के तहत कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है।

