नई दिल्ली (द पंजाब प्लस) राजा रघुवंशी हत्याकांड में पुलिस को एक बहुत बड़ा सबूत हाथ लगा है, जिससे इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी और भी मजबूत हो गई है। दरअसल, इंदौर में एक नाले से आरोपी सोनम रघुवंशी का लैपटॉप बरामद हुआ है। यह वही लैपटॉप है जिसे पुलिस पिछले दो दिनों से खोज रही थी और जिसे कथित रूप से शिलोम जेम्स ने हत्या के बाद नाले में फेंक दिया था।
दरअसल, लैपटॉप के अलावा ओल्ड पलासिया क्षेत्र के नाले से एक पिस्टल भी बरामद की गई है। जांचकर्ताओं का दावा है कि यह वही हथियार है जिससे राजा रघुवंशी की हत्या की गई थी। इस खोज में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें पिछले कुछ दिनों से लगातार लगी थीं, और अब जाकर उन्हें यह सफलता मिली है।
वहीं बुधवार दोपहर 2:30 बजे, क्राइम ब्रांच और शिलांग SIT ने तीन मुख्य आरोपियों – लोकेंद्र सिंह, शिलोम जेम्स और बल्लू (चौकीदार) का आमना-सामना कराया। पहले लोकेंद्र से पूछताछ हुई, फिर शिलोम और बाद में बल्लू से। हालांकि राजा की सोने की चेन, मंगलसूत्र और वह मिस्ट्री बैग, जिसमें ₹5 लाख रुपये होने की बात कही गई थी, अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं।
आपको बता दें कि 29 वर्षीय राजा रघुवंशी, इंदौर के एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी थे। 23 मई 2025 को, शिलांग में अपने हनीमून के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने ही अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची थी। अब तक इस मामले में 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें सुपारी किलर भी शामिल हैं।
मेघालय पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में सोनम रघुवंशी ने कबूल किया कि वह और राज कुशवाह शादी से पहले से ही प्रेम संबंध में थे, और दोनों ने मिलकर राजा को रास्ते से हटाने की साजिश रची। सोनम ने यह भी कहा कि “हमें किसी को अपनी जिंदगी से हटाना था”, जिससे साफ होता है कि वह अपने पति राजा की तरफ इशारा कर रही थी।
राजा के भाई विपिन रघुवंशी का दावा है कि सोनम और राज कुशवाह सिर्फ मोहरे हैं, जबकि असली मास्टरमाइंड अब भी सामने नहीं आया है। उन्होंने दोनों का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी, जिसे पुलिस ने ठुकरा दिया। पुलिस का कहना है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं, और नार्को टेस्ट की ज़रूरत नहीं है।
इस केस में अब नई गिरफ्तारी और नए नाम सामने आ रहे हैं। हाल ही में लोकेंद्र सिंह तोमर (मुख्य साजिशकर्ता), प्रॉपर्टी डीलर शिलोम जेम्स, और सिक्योरिटी गार्ड बल्लू को गिरफ्तार किया गया है। इन पर सबूत छुपाने और सोनम को पनाह देने का आरोप है। वहीं, सोनम की करीबी दोस्त अलका का नाम सामने आने से जांच और भी उलझ गई है।
पुलिस अब इस केस को मजबूत सबूतों के आधार पर चार्जशीट की ओर बढ़ा रही है। लैपटॉप और हथियार की बरामदगी से केस को अदालत में मजबूती मिलेगी। वहीं परिवार चाहता है कि पूरी सच्चाई सामने आए और असली मास्टरमाइंड बेनकाब हो।

