नई दिल्ली (द पंजाब प्लस) गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अब कनाडा ने सख्ती बरतने की तैयारी कर ली है। बता दें कि फिलहाल कनाडा में कई गैंग्स सक्रिय हैं। कनाडा का ब्रिटिश कोलंबिया कहे जाने वाले सुरे शहर से बड़ी जानकारी सामने आई है। यहां की मेयर ब्रेंडा लॉक ने पीएम मार्क कार्नी से मांग की है कि लॉरेंस बिश्नोई समेत सभी गैंग्स को आतंकवादी घोषित किया जाए।
इस समय शहर में कई हिंसक गुट सक्रिय हैं। भारत ने भी इस कदम को स्वागत योग्य बताया है। बता दें कि एक दिन पहले ही कनाडा में एक कारोबारी की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस गुट ने ली है। बता दें कि लॉरेंस गुट तब दुनियाभर में सुर्खियों में आ गया था, जब उसने पंजाब में सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली थी।
गोल्डी बराड़ ही लॉरेंस गुट का मुख्य एजेंट माना जाता है, जो इस समय कनाडा में ही बताया जा रहा है। यह गैंग ड्रग्स तस्करी, हत्या, वसूली और रंगदारी जैसे अपराधों में संलिप्त है। भारत में लॉरेंस गैंग के कई शूटर हैं। गैंग का सरगना लॉरेंस बिश्नोई इस समय गुजरात की हाई सिक्योरिटी साबरमती जेल में बंद है। ब्रेंडा लॉक के अनुसार इस समय सुरे शहर में हजारों भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं।
इस गैंग को भारत से ही ऑपरेट किया जा रहा है, जिसके कनाडा में कई लोकल एजेंट एक्टिव हैं। लॉक के अनुसार इस समय यह गैंग सुरे, ब्रैम्पटन और कैलगरी जैसे शहरों में बिजनेसमैनों को धमकी देकर फिरौती वसूलने जैसी वारदातों को अंजाम दे रहा है। सुरे शहर में ही पिछले 6 महीने में फिरौती मांगने जैसे 10 केस पुलिस ने दर्ज किए हैं। इस गैंग के कुल 700 से ज्यादा बदमाश एक्टिव बताए जा रहे हैं।
इस गैंग के निशाने पर मुख्य तौर पर दक्षिण एशियाई बिजनेसमैन हैं। इसके अलावा कनाडा में खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF), बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे खालिस्तान समर्थक आतंकी संगठन भी एक्टिव हैं। इनका मकसद भारत में हिंसा फैलाना, फंडिंग करना और आतंकियों की भर्ती करना है।
इन संगठनों का सीधा संबंध अमेरिका बेस्ड ग्रुप सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) से भी है, भारत सरकार इसको पहले ही बैन कर चुकी है। इस संगठन के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत सरकार आतंकी घोषित कर चुकी है, जो समय-समय पर देश विरोधी धमकी देता रहता है।

