उत्तराखंड (द पंजाब प्लस) उत्तराखंड में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोक दिया है। यह फैसला मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट के बाद लिया गया है, जो खासतौर पर रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के लिए जारी किया गया है।
अलकनंदा नदी का बढ़ा जलस्तर…
आपको बता दें कि बारिश की वजह से रुद्रप्रयाग और आसपास के इलाकों में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों से अपील की गई है कि वे फिलहाल यात्रा न करें।
बद्रीनाथ मार्ग भी लैंडस्लाइड से बंद
केवल केदारनाथ ही नहीं, बल्कि बद्रीनाथ जाने वाला मार्ग भी भारी बारिश और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण बंद हो गया है। इससे चार धाम यात्रा पर गए अन्य तीर्थयात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गढ़वाल क्षेत्र में लगातार वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
#WATCH | Heavy rainfall in Rudraprayag and adjacent areas of Uttarakhand has increased the water flow in the Alaknanda River. However, the river is still flowing below the danger mark.
#Uttarakhand pic.twitter.com/z3goASQeKO
— ANI (@ANI) July 7, 2025
गौरीकुंड में मलवा हटाने का काम जारी
गौरीकुंड, जो केदारनाथ यात्रा का प्रमुख पड़ाव है, वहां भी भूस्खलन के कारण रास्ते पर मलवा जमा हो गया है। प्रशासन और आपदा राहत टीमों द्वारा मलवा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, ताकि जल्द से जल्द यात्रा फिर से शुरू की जा सके।
यात्रियों को हो रही भारी परेशानी
भारी बारिश की वजह से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिनों सोनप्रयाग में हुए भूस्खलन के दौरान करीब 40 से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ से लौटते वक्त रास्ते में फंस गए थे। हालांकि, उन्हें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। लगातार बारिश के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। कुछ क्षेत्रों में संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। कुछ दिन पहले बरकोट के पास बादल फटने की घटना ने भी लोगों को डरा दिया था।
केदारनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व
केदारनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है। यह यात्रा उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ मंदिर तक जाती है, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) का हिस्सा है और समुद्र तल से करीब 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
केदारनाथ मंदिर को बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।
फिलहाल केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की तरफ से सावधानी बरतने और यात्रा टालने की सलाह दी जा रही है। मौसम सामान्य होते ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी। प्रशासन, आपदा राहत दल और स्थानीय अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

