चंडीगड़ (द पंजाब प्लस) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब डेढ़ साल बाद दूसरी बार चंडीगढ़ दौरे पर आ रहे हैं। उनका यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वे जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, उनका लाभ चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब के लोगों को भी मिलेगा। इसी वजह से प्रधानमंत्री के इस दौरे को केवल चंडीगढ़ ही नहीं, बल्कि पंजाब के राजनीतिक और विकासात्मक दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है।
मानसून के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने कार्यक्रम को बारिश से प्रभावित होने से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। आयोजन स्थल पर करीब 6,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में जर्मन हैंगर पंडाल तैयार किया जा रहा है। इस पंडाल की खासियत यह है कि बारिश होने की स्थिति में भी कार्यक्रम का आयोजन बिना किसी बाधा के किया जा सकेगा।
अब 5 पॉइंट में जानिए मोदी के दौरे से जुड़ी जानकारियां
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर चंडीगढ़ में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। चंडीगढ़ प्रशासन सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर 2 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने जा रहा है। इसके लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च का खाका भी तैयार कर लिया गया है।
- प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए 16 और 17 जुलाई को चंडीगढ़ को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस दौरान ड्रोन और अन्य मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
- प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के बीच लगातार बैठकें जारी हैं।
- प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राजेंद्रा पार्क में प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग की तैयारी की जा रही है। हेलीपैड क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
- प्रधानमंत्री का सार्वजनिक कार्यक्रम पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) में आयोजित होगा। इसके लिए 6000 वर्ग मीटर क्षेत्र में जर्मन हैंगर पंडाल तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था तथा सड़कों की मरम्मत का काम भी तेजी से चल रहा है।पीएम के चंडीगढ़ दौरे को लेकर चल रही तैयारियां।

