अमृतसर (द पंजाब प्लस) पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अमृतसर में 64.62 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग ₹450 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
अमृतसर स्पेशल स्टेट ऑपरेशंस सेल और पंजाब काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया। कार्रवाई में दो आरोपियों सरवन सिंह निवासी अवा गांव और शमशेर सिंह गांव इकतियारनगर को गिरफ्तार किया गया है।
अमृतसर जिले के गांव माहल के पास आरोपी ड्रग्स के साथ पकड़े गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार विदेश में बैठे हैंडलर्स और पाकिस्तान के मूसा गैंग से भी जुड़े हुए हैं। यह गिरोह सीमा पार से ड्रग तस्करी कर पंजाब और अन्य राज्यों में सप्लाई करने का काम कर रहा था।
DGP बोले- जल्द पूरे नेटवर्क को पकड़ेंगे
मामले में पुलिस स्टेशन SSOC अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच तेजी से जारी है। पंजाब DGP गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया पुलिस का उद्देश्य इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना और इसके सभी सहयोगियों को गिरफ्तार करना है।
पंजाब में चल रहा ‘ युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान’
बता दें कि पंजाब सरकार ने हाल ही में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का सेकेंड फेज लॉन्च किया था। हर जिले में इस अभियान के तहत रैलियां, जन जागरण जैसे कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों से कनेक्ट किया जा सके। सरकार का दावा है कि यह अभियान नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सरकार गांवों में बनाएगी पिंडां दे पहरेदार
ग्रामीण स्तर पर नशा रोकने के लिए सरकार अब गांवों के युवाओं को इस मुहिम से जोड़ रही है। युवाओं को पिंडां दे पहरेदार बना रही है, ताकि वो नशा करने वालों और बेचने वालों के बारे में पुलिस को सही जानकारी दे सकें। इसके लिए सरकार ने युवाओं को इस मुहिम से जोड़ने की अपील की है।

