जालंधर (दीपक पंडित) पुलिस के अनुसार फतेहगढ़ साहिब निवासी अनमोल रत्न केवल 10वीं तक पढ़ा है, लेकिन उसने रहन-सहन, बातचीत और व्यवहार पूरी तरह एक आईपीएस अधिकारी जैसा बना लिया था। वह सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों का भरोसा जीतता और उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगता था।
पुलिस जांच में पता चला कि अनमोल ने पहले एक अनाथ युवती से शादी की थी, लेकिन उसके व्यवहार से परेशान होकर पत्नी दो महीने की बच्ची को लेकर उसे छोड़ गई। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम पर खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर शाहकोट निवासी मनदीप कौर से दोस्ती की और बाद में उससे प्रेम विवाह कर लिया।
शुरुआत में मनदीप को पति की असलियत नहीं पता थी, लेकिन शादी के कुछ महीने बाद सच्चाई सामने आने पर अनमोल ने उसे भी अपने साथ मिला लिया। उसने पत्नी की पुलिस वर्दी वाली फर्जी तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करनी शुरू कर दीं ताकि लोग उसकी बातों पर भरोसा करें।
आरोपी ने सबसे पहले अपनी साली को पुलिस भर्ती कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये ठग लिए। इसके अलावा साले और उसके परिचित तीन अन्य लोगों से भी करीब 16 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगी की रकम से आरोपी ने आलीशान कोठी खरीदी और शोरूम भी खोल लिया।
जब पीड़ितों ने नियुक्ति पत्र मांगे तो आरोपी उन्हें पुलिस ट्रेनिंग का बहाना बनाकर मैसूर, चंडीगढ़ और बेंगलुरु घुमाता रहा, लेकिन किसी भी जगह कोई ट्रेनिंग नहीं करवाई।
पुलिस के मुताबिक अनमोल अखबारों में छपी पुलिस कार्रवाई की खबरों को एडिट कर उनमें अपना नाम और फोटो जोड़ देता था। फिर इन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों को विश्वास दिलाता कि वह वास्तविक आईपीएस अधिकारी है।
जब साली को शक हुआ तो उसने शाहकोट थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस जांच शुरू होने पर आरोपी हुजूर साहिब भाग गया, लेकिन मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा है।

